Month: March 2017

Mrigtrishna/Pyaasi Jindagi

Mrigtrishna/Pyaasi Jindagi

जिनके घर कच्चे है महल को दूर से देख तरसते हैं, उनको क्या मालुम वहाँ पर हर दिन आंसू बहते है| उनको क्या मालुम वहाँ पर हर दिन आंसू बहते है।। देख़ लिया दौलत महलों का, मन की त्रिसना ना देखा, हँसी, ठिठोली देखी उनकी अंतर्द्वन्द नहीं देखा, किसी को डर है चोर, किसी को … Continue reading Mrigtrishna/Pyaasi Jindagi

राम राज्य मतलब सबकी आवाज/Ram Rajya Matlab Sabki Awaaz

राम राज्य मतलब सबकी आवाज/Ram Rajya Matlab Sabki Awaaz

राम राज्य की बहुत सुन लिया,उसको लाना होगा, बातों से ना काम चलेगा, काम दिखाना होगा | देख प्रेम आंखों में तेरी ,सबने तुमको मान दिया, हिन्दू,मुस्लिम,सिख,ईसाई सबने है सम्मान किया, जाति-धर्म से ऊपर उठ एक स्वर में यु.पी. बोल उठा, मोदी-मोदी, योगी-योगी से भूमंडल डोल उठा, जाग उठी जन-जन की आशा उसे निभाना होगा, … Continue reading राम राज्य मतलब सबकी आवाज/Ram Rajya Matlab Sabki Awaaz

नया साल सम्वत 2074 का अभिवादन

नया साल सम्वत 2074 का अभिवादन

पिछले साल की तरह इस साल भी हिंदी कैलेंडर के अनुसार नया साल संवत 2074 हम सबों के बीच खुशियों का सौगात लेकर आया है। आईये इस नए साल संवत का आगे बढ़कर अभिवादन करें साथ ही हिंदी संस्कृति का पहचान बरकरार रखते हुए ये याद करे और पिछले साल संवत में हमने क्या खोया … Continue reading नया साल सम्वत 2074 का अभिवादन

Tarangini/Nadi/तरंगिनि/नदी

Tarangini/Nadi/तरंगिनि/नदी

पर्वत से मैं चली ऐंठकर, इठलाती बलखाती, निर्मल जल की रानी मैं ,जन-जन की प्यास बुझाती, निर्मल जल की रानी मैं ,जन-जन की प्यास बुझाती || जात-पात और धर्म ना जानू, किसका क्या है कर्म ना जानू, मानव कौन ,कौन है दानव, पशु-पक्षी सब एक सा मानु, भू-नभ के सब जीव-जंतु को, अपने गले लगाती, … Continue reading Tarangini/Nadi/तरंगिनि/नदी

परिवर्तन/Pariwartan

परिवर्तन/Pariwartan

आशियाना बदलते रहे उम्र भर, कुछ भी बदला नहीं, हम बदलते रहे धर्म और जातियां, कुछ भी बदला नहीं । हम अकेला चले कारवां बन गया, देखते-देखते ये जहां बन गया, जब जुआरी थे हमको जुआरी मिला, जब बने हम शराबी शराबी मिला, हम जैसा थे वैसा जहां बन गया, कुछ भी बदला नहीं, हम … Continue reading परिवर्तन/Pariwartan

दास्तान

दास्तान

एक सैनिक अपनी पत्नी एवं बूढ़े माँ -बाप का एक मात्र सहारा, देश की आन बान और शान की रक्षा करने में अपनी जान कुर्बान कर देता है। घर पर अचानक आफत आने के बावजूद भी सभी अपने -अपने फर्ज पर अडिग हैं परंतु बूढ़े सास -ससुर को अपनी पुत्रवधु का दुःख सहा नहीं जाता … Continue reading दास्तान

मेरी जान हिंदुस्तान/Meri jaan Hindustaan

मेरी जान हिंदुस्तान/Meri jaan Hindustaan

हम हिन्द के निवासी मेरी जान कहाँ है, कहते हैं जिसे माँ ओ हिंदुस्तान कहाँ है।  ऋषियों की तपोभूमि है जो राम का जहां, बजती है प्रेम बासुरी वह कृष्ण की जहां,  जन्मे जहां पर बुद्ध वह जहान कहाँ है,कहते हैं जिसे माँ ओ हिंदुस्तान कहाँ है ।1  कहते हैं टूट चुकी है गुलामी की … Continue reading मेरी जान हिंदुस्तान/Meri jaan Hindustaan