Month: May 2017

Dustak

Dustak

बिखर कर भी प्रेम बिखर नहीं पाता है, संवर कर भी स्वार्थ संवर नहीं पाता है, खुशबु बिखेरे मिटकर फूल दुनिया में, कांटे फूल पाकर भी महक नहीं पाता है, बिखर कर भी प्रेम बिखर नहीं पाता है। जिंदगी तो दौड़ है स्वार्थ और प्रेम का, रिसते हैं आँखों से अश्क स्वार्थ-प्रेम का, सिलवटें निशान … Continue reading Dustak

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Megha Ajaa Man Tarse

Megha Ajaa Man Tarse

आसमान में गरज रहा क्यों मेघा रे, तेरी धरती प्यासी प्यास बुझा जा रे| नजरों से था दूर याद मैं करती थी, रात-दिन आने की राह निरखती थी, पास में आकर दूर समझ ना पाऊँ मैं, अपनी दर्द को कैसे अब दिखलाऊँ मैं, आँखमिचौली धुप से खेल ना मेघा रे, तेरी धरती प्यासी प्यास बुझा … Continue reading Megha Ajaa Man Tarse

Titliyon si Jindgi

Titliyon si Jindgi

मेरी भी जीवन तितलियों सी होती, चंचलता के संग में संजीदगी भी होती।। खूबसूरती से फिर हम सबको लुभाते, रंग-बिरंगी दुनियाँ को हम भी बनाते, निगाहें शराबी अदाओं के संग-संग, थोड़ी सी हम मे शरारत भी होती, मेरी भी जीवन तितलियों सी होती।। फूलों की खुशबु में हम भी नहाते, गुलशन में हम भी उनको … Continue reading Titliyon si Jindgi

Ummeed

Ummeed

देख ले दर्द में कैसा हाल, हैं आँखे भीगी की भीगी, बह रही उर बीच कैसी धार,कंचुकी गीली की गीली। देखकर घर का बुरा हाल. है तूने छोड़ दिया घर द्वार, है गुजरे याद में कितने साल, संदेसा आया ना एक बार,धैर्य है टुटा, याद है कल की सारी बातें, तेरी प्रेम भरी सब यादें, … Continue reading Ummeed

Nothing Without Nation

Nothing Without Nation

हम कोमल-नाजुक पत्ते हैं, खूबसूरती हमसे डाल की, गर टूट गए डाली से हम, है कीमत क्या फिर जान की।1 हम नाजुक हैं कमजोर नहीं, टकरा जाते तूफानों से, बेसक टकराकर अपना तन, रक्त-रंजित भी हैं हो जाते।2 आती है घोर बिपत्ति जब-जब, हम पर, बृक्ष या डाली पर, हम एक दूजे के साथ खड़े, … Continue reading Nothing Without Nation

Jindagi 

Jindagi 

ऐ जिंदगी,कितनी छोटी,कितनी हसीन है तू, फूलों से भी नाजुक और कमसिन है तू, सहजता से जिया तुझे बचपन से अभी तक, होठों की मुश्कान मैंने बिखेरा है जमी पर | खुशियां तो बहुत है आसमाँ क्यों दिखाते हो, बचपन के जाते नयी जहां क्यों दिखाते हो, बहुत ही हसीन है तू ऐ मेरी जिंदगी, … Continue reading Jindagi 

Bibas Insaan

Bibas Insaan

हम कलि हैं बचा लो चमन के तेरे, वरना खिलने के पहले बिखर जाएंगे, हम भी हैं इस जहां की तुम्हारे वतन, तेरे क़दमों में सिर अपना रख जाएंगे ।। बस करो जातियों में ना बांटों हमें, धर्म का पाठ अब ना पढ़ाओ हमें, एक धरा,एक वतन,एक इंसान हम, प्रेम की हम किरण प्रेम की … Continue reading Bibas Insaan