MILAN

MILAN

सावन आता साल में जैसे वैसे प्रियतम आते,
सावन रहता एक माह वे एक प्रहर में जाते ।
आने का पल आज चहकती,
दरवाजे को खोल खड़े,
खिड़की,परदे,उपवन,मौसम,
साथ हमारे झूम उठे,
प्रियतम आजा देर करो ना,
जाने का पल है निश्चित,
सजी हुई फुलवारी बिचलित,
क़दमों में आ है अर्पित।
बिरह साल का मिलन प्रहर का,
कितनी ख्वाब संजोती,
हर एक पल को प्रहर बनाती,
संगम जब भी होती,
मखमल सेज लदी फूलों से
खुद एक फूल सी होती,
पंखुड़ियों सी खिली,महकती,
इत्र में सेज भिगोती,
मगर मिलन का ये संगम,
फिर बिरह में और डुबोती,
पानी के बुलबुलों के जैसे,
मिलन हमारी होती,
फिर जलती मैं दीपक जैसे,छोड़ मुझे वे जाते,
सावन रहता एक माह वे एक प्रहर में जाते,

कल तक बारिश मुझे जलाती,
मगर आज मन है हर्षित,
मन ब्याकुल चंचल तितली सी,
शांत आज मन है पुलकित,
बाहर बारिश गर्म हवा,
कानों में शोर मचाती,
बिजली कड़के,बरसे बादल,
मुझे होश ना आती,
तन भीगा,मन शांत झमाझम,
सावन झड़ी लगाई,
गाडी छूट गयी जाने की
बारिश खेल दिखाई,
चार प्रहर फिर बाद है गाडी,
प्रियतम संग हमारे,
मैं जलती जिस बारिश से,
खिड़की से आज निहारे,
ऐ सावन तू बड़ी दयालु,आज अगर ना आते,
तू रहता संग एक माह वे एक प्रहर में जाते।

!!! मधुसूदन !!!

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37 thoughts on “MILAN

  1. वाह वाह क्या बात है मधुसूदन जी आपने तो नायिका के संयोगा और वियोग दोनों चित्रण एक ही कविता में कर दिया है। मेरे हिसाब से तो जायसी को भी आपने पीछे छोड़ दिया है। मेरे नजर में आप की इस कविता को 100%मिलता। लाइक कमेंट तो फारमेल्टी है ब्लॉग का।

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    1. बहुत बड़ी बात कह दी आपने—-बहुत बहुत बहुत छोटा हूँ मैं सिर्फ जोड़ तोड़ जानता हूँ।आपका कोटि कोटि आभार आपने मेरी कविता को इतना सराहा।

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      1. कविता में जो तुकबंदी करना जान जाय। और सही शब्दों का जोड़ना जाय मेरी भाषा में उसी को सरस्वती की कृपा समझी जाती है।

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      2. सही कहा आपने—/बिना सरस्वती माँ के कृपा के कुछ भी लिखना मुश्किल।धन्यवाद आपका आपके बहुमूल्य विचार देने के लिए—/–/

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    1. SUKRIYA DANISH JI ……BILKUL……JINDAGI KAA NAAM HI MILNA AUR BICHHADNAA HAI. PARANTU KISI KISI KE JEEVAN MEN MILAN KAM BICHHADNAA HI JYAADAA HOTAA HAI JISE DIKHAANE KAA PRAYAAS KIYAA HUN SUKRIYAA.

      Liked by 1 person

      1. बहुत दिनों से कुछ व्यस्तता के कारण कोई ब्लॉग नहीँ पढ़ा पर आज आपके सारे पोएम और ब्लॉग पढ़ लिए सभी बहुत ही सुन्दर तरीके से लिखे है।

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