Eid Mubarak

Eid Mubarak

एक माह की कठिन तपस्या,होती है रमजान में।
सुना है तेरी बरकत सब पर,होती है रमजान में,

रोजे के इस पाक महीना,
ईद मिलन की बेला में,
कहाँ छुपा मेरे भगवन तू,
दुनियाँ के इस मेला में,
ऐ अल्लाह अगर तू रब है,
तू ही ईश्वर और भगवान्,
आकर देख धरा पर कैसे,
उलझ गए सारे नादान,
एक दूजे से नफरत करते,
पशुओं पर भी दया ना करते,
सबका रक्षक तू है फिर भी,
तेरे नाम पर हत्या करते,
अल्लाह थोड़ी ज्ञान दो सबको,पाक माह रमजान में,
सुना है तेरी बरकत सब पर,होती है रमजान में।

मैं बालक ये भेद ना जाना,
ऊंच-नीच को ना पहचाना,
हिंदू, मुस्लिम,सिक्ख,ईसाई,
बौद्ध कौन अबतक ना जाना,
मुझ को अब तू राह दिखादे,
अपने,गैर में भेद बतादे,
किया भरोसा तुमपर रोजा रखा मैं रमजान में,
सुना है तेरी बरकत सब पर,होती है रमजान में।

अंतिम दिन रमजान का आया,
याद हमारी ना आयी,
तुमपर किया भरोसा मौला,
दिल में संसय ना आयी,
ईद का देखा चाँद मगन मन,
साथ में रोजा खोल चले,
नव वस्त्रों में सजकर,
ईद मुबारक कहने निकल पड़े,
मन में वही सवाल मगर हम,
गले सभी से मिलते हैं
जो भी मिलता राह में उसको,
ईद मुबारक कहते हैं,
सबके सिर पर टोपी,
तन है नव बस्त्रों से सजे हुए,
जो भूखे थे कल तक देखा,
घर पकवान से भरे हुए,
निर्धन के मुस्कान में मौला,
तेरा रूप नजर आया,
होता क्या रमजान महीना,
तूने मुझको समझाया,
अल्पाहार का कठिन महीना,
एक डकार में रोजा भंग,
मौला के इस मूल मंत्र को,
कैसे समझ सका ना जन,
दया दिखाना सब जीवों पर,सीखा मैं रमजान में,
सच में तेरी बरकत मौला,होती है रमजान में।

!!!आपसभी को मेरे तरफ से ईद मुबारक!!!

!!! मधुसुदन !!!

Advertisements

16 thoughts on “Eid Mubarak

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s