Yaaden

Yaaden

जिंदगी रहे ना रहे लेख रह जाएंगे,
मेरे और आपके कमेंट्स रह जाएंगे,
नफरत की आग जला देगी जमाने को,
मेरे और आपके संदेश रह जाएंगे।

माना कि आपसे कोसों हैं दूर हम,
सच है कि आप भी हमसे है दूर मगर,
अपनी ये लेख मगर पास हमे लाएंगे,
मेरे और आपके कमेंट्स रह जाएंगे।

कुछ लेख प्यारे हैं,कुछ हैं रुलाते,
कुछ लेख ऐसे जो दिल को दुखाते,
बंधे हैं हम सब धर्मों की डोर में,
इंसाँ हैं हम बंधे जाति की डोर में,
जाति और धर्म मे लड़ते रह जायेंगे,
नफरत और प्रेम को समझते रह जाएंगे,
मेरे और आपके कमेंट्स रह जाएंगे।

जहां-जहां प्रेम वहीं नफरत और छल है,
सदियों से आजतक दोनों हर पल है,
समझा है कौन जहाँ,हम भी छोड़ जाएंगे,
मेरे और आपके कमेंट्स रह जाएंगे।
मेरे और आपके ये लेख रह जाएंगे।

!!! मधुसूदन !!!

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50 thoughts on “Yaaden

  1. बहुत शानदार लिखा आपने जी
    ह्रदय के अहसास कलम से निकल जब लिख जाते हैं तो अमर हो जाते हैं मधुसुदन जी

    Liked by 1 person

    1. Mere samajh se wordpress ek platform hai…jahaan hm apni supt padi kuchh bhaawnaao ko byakt kar hain saath hi wah kab kavita ya kahaani ban jaataa hai ham nahin jaante.rahi baat faayde ki to ye ham bhi nahi jaante.bas jab bhi khaali rahte hain faaltu sochne se achchha likhna chahte hai….bas ….

      Like

  2. Waah, khoob baat kahi “मेरे और आपके कमेंट्स रह जाएंगे। मेरे और आपके ये लेख रह जाएंगे।”

    Liked by 1 person

  3. क्या खूब लिखा है आपने – ” जिंदगी रहे ना रहे लेख रह जाएंगे,
    मेरे और आपके कमेंट्स रह जाएंगे,
    नफरत की आग जला देगी जमाने को,
    मेरे और आपके संदेश रह जाएंगे।” सच

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