Naari ka Dard

कैसा ये संसार किया है,
जुल्म का सीमा पार किया है,
तेरी बिटिया,बहन सिसककर,
तुम्हें जताने आयी है,
बसकर जुल्म न सहना अब ये,तुझे बताने आयी है,
बसकर जुल्म न सहनाअब ये ……।

युग बदला इंसान बदल गए,
गीताज्ञान किताब में रह गए,
पश्चिमवादी सोंच में अब तो,
नारी के सम्मान बदल गए,
तड़प रही है आज देख लो,
कहीं पे बिधवा बस्ती में,
नारी कहीं पे तड़प रही है,
तीन तलाक की भट्ठी में,
बीबी, बेगम प्यारी सबको,
दोनों खेल की बस्तु हैं,
बेटे को ना जन्म दिया तो,
पिसती कर्म की चक्की है,
बेटी,बहन से मतकर नफरत,तुम्हें जताने आयी है,
बसकर जुल्म न सहना अब ये,तुझे बताने आयी है,
बसकर जुल्म न सहनाअब ये ……।

धर्म का चादर ओढ़ के तूने,
नारी का अपमान किया,
जग जननी जगदम्बा नारी,
का जीवन दुस्वार किया,
जिस नारी से जन्मा ओ,
नापाक तू कैसे पाक हुआ,
हे मानव बतला दे तेरा,
कैसा ये इन्साफ हुआ,
चाल बदल अब राह बदल दे,ये बतलाने आयी है,
बसकर जुल्म न सहना अब ये,तुझे बताने आयी है,
बसकर जुल्म न सहनाअब ये ……।

बेटी, बहन, बहु है नारी,
हर रिश्ते की नींव है नारी,
अल्लाह, ईश्वर, गॉड ना जाना,
माँ बन दी पहचान ओ नारी,
नारी से ही खुशियां जग में,
जीवन का सृंगार है नारी,
राम, कृष्ण, ईसा, पैगम्बर,
सबकी जननी माँ है नारी,
उस नारी पर जुल्म बढ़ा अब,जुल्म मिटाने आयी है,
बसकर जुल्म न सहना अब ये,तुझे बताने आयी है,
बसकर जुल्म न सहनाअब ये ……।
त्याग, तपस्या जीवन जिसका,
हर मानव से रिश्ता जिसका,
उस नारी की दर्द की गाथा,
किसे सुनाऊँ दिल है किसका,
भाई आजा हाथ बढा दे,
बहना की अपनी शान बढ़ा दे,
बाबुल अब आवाज लगा दे,
तेरी बिटिया तुझे पुकारे,
तुम दोनों आधार हमारे,
नदियां हम तो पति किनारे,
तुम बिन मृत समान जगत,अब तुम्हें जगाने आयी है,
बसकर जुल्म न सहना अब ये, तुझे बताने आयी है ।

Naari ka Dard

Kaisa ye sansaar kiya hai,
Julm ka sima paar kiya hai,
Teri beti,bahan sisakkar,
tumhen jataane aayee hai,
Baskar julm na sahna ap ye tujhe bataane aaayee hai,
Baskar julm na sahna ap ye..

Yug badla insaan badal gaye,
Geeta gyaan kitaab me rah gaye,
Paschimwaadi sonch me ab to,
Naari ke sammaan badal gaye,
Gaur se dekho tadap rahi hai,
Kahi pe bidhwaa basti men,
Naari kahin pe tadap rahi hai,
Tin talaak ki bhatti men,
Bibi, begam pyaari sabko,
Dono khel ki bastu hai,
Bete ko naa janm diya to,
Pisti karm ki chakki hai,
Beti bahan se nafrat hai to,tumhen jataane aayee hai,
Baskar julm na sahna ap ye tujhe bataane aaayee hai,
Baskar julm na sahna ap ye..

Dharm chaadar odh ke tune,
Naari kaa apmaan kiya hai,
Jag janni jqgdamba naari,
Kaa jiwan duswaar kiyaa hai,
Jis naari se janmaa o,
naapaak tu kaise paak hua,
He maanav batlaa de tera,
Kaisaa ye insaaf hua,
Chaal badal ab raah badal de,tujhe jataane aayee hai,
Baskar julm na sahna ap ye tujhe bataane aaayee hai,
Baskar julm na sahna ap ye..

Beti, bahan, bahu hai naari,
Har riste ki niv hai naari,
Allah,ishwar,god naa jaanaa,
Maa ban di pehchaan o naari,
Naari se hi khushiyaan jag men,
Jiwan kaa sringaar hai naari,
Ram,krishn,Isha,paigambar,
Sabki janni maa hai naari,
Us naari par julm badha, ab julm mitaane aayee hai,
Baskar julm na sahna ap ye tujhe bataane aaayee hai,
Baskar julm na sahna ap ye..


Tyaag, tapsyaa jiwan jiska,
Har maanav se rista jiska,
Us naari ki dard ka gaathaa,
Kise sunaaun koyee sunle,
Bhaayee aajaa haath badhaa de,
Bahan ki apni shaan badhaa de,
Baabul ab aawaaz lagaa de,
Teri beti tujhe pukaare,
Tum dono ho jaan hamaare,
Nadiyaan ham to pati kinaare,
Tu bin mrit samaan jagat,ab tumhe jagaane aayee hai,
Baskar julm na sahna ap ye tujhe bataane aaayee hai,
Baskar julm na sahna ap ye…

!!!Madhusudan !!!

!!! मधुसूदन !!!

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73 thoughts on “Naari ka Dard

  1. उस नारी पर जुल्म बढ़ा अब,जुल्म मिटाने आयी है,
    बसकर जुल्म न सहना अब ये,तुझे बताने आयी है,

    लाज़वाब👏👏👏

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  2. बेहद प्रभावशाली .
    नापाक तू कैसे पाक हुआ,
    हे मानव बतला दे तेरा,
    कैसा ये इन्साफ हुआ,
    चाल बदल अब राह बदल दे,

    Liked by 1 person

    1. निश्चित बदलाव आ भी रहा है परंतु अभी भी ग्रामीण क्षेत्र में स्थिति भयावह है।सुक्रिया अपने पसंद किया सराहा।

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    1. shayad aisa hai hamara samaj…….sudhar ho raha hai magar raftar dhili hai saath hi kuchh padhe likhe logo ki koyee na koyee ghatna hamen punah sochne par majbur kar deti hai …..ki ham kitna sudhre…..!

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  3. बहुत खूब लिखा आप ने मधुसूदन जी ,
    धन्यवाद आप को मेरे ब्लॉग पढ़ने और पसंद करने के लिए , और इसी वजह से मुझे आप के इतने अच्छे ब्लॉग के बारे में पता चला ,
    कृपया लिखते रहे , हम लोगो को हिंदी ब्लोग्स के बहुत जरुरत है, और हिंदी में लिखने वाले उतने ही कम है ।

    Liked by 1 person

    1. सुक्रिया की आप मेरे ब्लॉग पर आए और अपने खूबसूरत राय ब्यक्त किया।चलिए हमसब मिल हिंदी को आगे बढाते रहेंगे।धन्यवाद आपका।

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  4. आपका लेखन सराहनीय है अगर आप अपना कोई भी लेख प्रकाशित करना चाहते हैं, तो कृपया हमें kavyashaala@gmail.com पर लिखें या हमारी साइट https://kavyashaala.com/ पर जाएँ. हमारा उद्देश्य सामान्य जनता में हिंदी को लोकप्रिय बनाना है

    Liked by 1 person

  5. आपके शब्द आपकी संवेदनशीलता को दर्शा रहे हैं | पुरुष होकर आपने स्त्रियों कि मनोदशा और उनके दर्द को इतनी अच्छी तरह से समझा और समझाया! बहुत सुंदर !

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