Month: December 2017

Naya Saal Naya Sawera

Naya Saal Naya Sawera

Image credit: Google है दास्ताँ सीखा गयी गुलामी बर्षों की, अपना असर दिखा गयी गुलामी वर्षों की|| शुक्ल प्रतिपदा प्रथम दिन, है चैत्र मास का ख़ास, इसी दिन से ब्रम्हा ने की, सृष्टि की शुरुआत, इस दिन हम नववर्ष मनाते, हिन्द को अपना खूब सजाते, मगर इसे भी मिटा रही गुलामी वर्षों की, अपना असर … Continue reading Naya Saal Naya Sawera

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Alwida-2017

Alwida-2017

Image credit: Google ऐ साल तुझे क्या मैं बोलूं, दिन निश्चित कर तुम आये, खुश हूँ कितना मैं ही जानू, कितना तुमको अपनाये, खुश हूँ कितना मैं ही जानू, कितना तुमको अपनाये।। हर पल हम तेरे साथ रहे, फिर भी हो तुम क्यों रोते, कितनों ने हमको छोड़ दिया, है कौन यहाँ पर रोते, हैं … Continue reading Alwida-2017

Beti Garib ki/बेटी गरीब की

Beti Garib ki/बेटी गरीब की

Image credit: Google घर में दो वक़्त का है निवाला नहीं, हाय बिटिया जवाँ हो रही है, तन हैं चीथड़ों की शोभा बढ़ाते मगर, कैसे विकसित जहाँ हो रही है |1 है वो मासूम बिलकुल जगत से अलग, तन निखरते,उमर से है वो बेखबर, झाकतें तन लिबासों में ना छुप रही, टूटे सीसे में अपनी … Continue reading Beti Garib ki/बेटी गरीब की

Kyun Yaad Aten hain

Kyun Yaad Aten hain

  Image credit: Google जो रिश्ते अपने तोड़ गए, तोड़े सपने,जज्बात बहुत क्यों याद आतें हैं, जो अपना कह मुंह मोड़ गए, है नहीं जिन्हें कुछ याद, वही क्यूँ दिल भाते हैं।।1 जब पास नहीं वे थी हलचल, चहुंओर था एक बवंडर, जब छोड़ गए तब भी हलचल, है हरपल एक बवंडर, हैं फँसे बीच … Continue reading Kyun Yaad Aten hain

Mera Gaon/मेरा गाँव

Mera Gaon/मेरा गाँव

Image credit: Google किन शब्दों में दर्द सुनाऊँ, हालत कैसे किसे दिखाऊँ, हाय दुर्दशा कृषक,खेत,खलिहान की, आकर देख दशा कैसी है मेरे गाँव की।2 फ़टी पाँव है धरा जेठ सी, चमड़े हो गए काले, पीठ,पेट सट एक हुए, फिर भी हिम्मत ना हारे, सींच खून से पौध उगाते, धूप में बदन जलाते, तब जाकर खलिहान … Continue reading Mera Gaon/मेरा गाँव