Month: February 2018

Bikharte Krishi aur Byapaar

Bikharte Krishi aur Byapaar

Images Credit ; Google डायरस से लेकर मध्य युग एवं ब्रिटिश शासनकाल तक लोग कुशल कारीगरों को दास बनाकर विदेश ले जाते रहे और हमारे ब्यापार को धीरे-धीरे नष्ट करते रहे | कहा जाता है कि कल एक कालीन माचिस के डब्बे में सहेजकर निर्यात किया जा सकता था ऐसे हमारे कुशल कारीगर और ऐसी … Continue reading Bikharte Krishi aur Byapaar

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एक समय था जब, मुश्कुराने पर भी, गम जान जाते थे, सूखे होठ भी, गुलाब बन जाते थे, तपती धरा सी, प्यासी थी जिंदगी, सावन के जैसे, फुहार बन आते थे, खता क्या हुई रब, कहाँ खो गए अब, झूठा ही सही हम, मुश्कुरा भी नहीं पाते है।। !!!मधुसदन!!! ek samay tha jab, mushkuraane par … Continue reading Quote..25

Kaisi Nafrat/कैसी नफरत

Kaisi Nafrat/कैसी नफरत

  Image Credit : Google जीवन में जिसने ना देखा दर्द कभी इंसान का, कहाँ हुआ कब दर्शन उसको अल्लाह या भगवान् का, कहाँ हुआ कब दर्शन उसको अल्लाह या भगवान् का| कोई मधुर अजान सुनाता,कोई घंट बजाता, कोई नफरत की बातें ही जन-जन में फैलाता, मतलब समझ सका ना जिसने गीता और कुरआन का, … Continue reading Kaisi Nafrat/कैसी नफरत

DANVEER BHAMASHAH/दानवीर भामाशाह       ( Part-9 Antim Bhag)

DANVEER BHAMASHAH/दानवीर भामाशाह ( Part-9 Antim Bhag)

Click here to Read part..8 Image credit ; Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी वह हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| मुगल पताके लहराये थे दुर्ग सहित मेवाड़ में, राजपूत घुटनों के बल थे,अकबर के दरबार में, मगर खौफ अकबर को … Continue reading DANVEER BHAMASHAH/दानवीर भामाशाह ( Part-9 Antim Bhag)

Arawali ka Sher ( Part..8)

Arawali ka Sher ( Part..8)

Click here to Read part ..7 Image Credit : Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी वह हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| झुक जाए वैसा शीश नहीं,जो काट सके शमशीर नहीं, दुश्मन भी आज समझ बैठे,है राणा वैसा वीर नहीं, थी … Continue reading Arawali ka Sher ( Part..8)

CHETAK/चेतक

CHETAK/चेतक

Click here to Read part..6 Image Credit : Google कोटि प्रयास करने के बावजूद घायल चेतक के नहीं उठ पाने पर बिलाप करते राणा-– हाय चेतक मेरे मुझसे बिन कुछ कहे, कैसे दुनियाँ से तुम जा रहा है, देख मुझको जरा,क्या हुआ है दशा, दर्द कितना दिए जा रहा है, कैसे दुनियाँ से तुम जा … Continue reading CHETAK/चेतक

Haldighati ka Sangram (Part..6)

Haldighati ka Sangram (Part..6)

Click here to Read part..5 Image Credit : Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी वह हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| दुश्मन बीच अकेला राणा को संकट में जानकर, झालावाड़ के मन्ना जी संग आये सीना तानकर, मुकुट बदल झट पहन … Continue reading Haldighati ka Sangram (Part..6)