Month: April 2018

KHOJ/खोज

KHOJ/खोज

Image Credit : Google जहाँ पर बिखरे होते खून, जहाँ पर राजा ना कानून, जहाँ एक दूजे से सब ऐठें, कैसे आज सभी संग बैठे, देखा शेर संग खरगोश, बैठे संग में चीता,गौर, देखा बेबस सबको तो बिल्ली घबराई, मानव का जग छोड़ के जंगल में थी आई। भोर हुयी तब निकल गए थे, घर … Continue reading KHOJ/खोज

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Kaisa Shreshth/कैसा श्रेष्ठ

Kaisa Shreshth/कैसा श्रेष्ठ

Image Credit :Google सभ्य अगर होते हैं ऐसे, पग-पग पर जँह भय और संसय, जहाँ पता ना कहाँतलक गिर जाएँगे हमलोग, जहाँ सशंकित हमसे,बहना,माता,वृद्ध,किशोर, फिर तो हमसे बेहतर थे सच में कल के जंगल के लोग।1 राह भटक एक परे लोक से, यहाँ मुसाफिर आया, गली-गली में मन्दिर मस्जिद देख बहुत चकराया, देखा सबके घर … Continue reading Kaisa Shreshth/कैसा श्रेष्ठ

Kora Kaagaj

Kora Kaagaj

Image Credit : Google जीवन कोरा बिन अपनों के, जैसे कोरा कागज, धरती की ना प्यास बुझाये, बिन पानी के बादल, ख्वाब बिना पानी के बादल, आँख खुले तड़पाते, क्या लिखूँ मैं याद में तेरी,शब्द मुझे तरसाते।1 लिखना चाहूं,लिख ना पाऊं, जज्बातों को मैं उकसाऊं, पढ़कर तुमको तेरा होकर, ख्याल हजारों आतें, क्या लिखूँ मैं … Continue reading Kora Kaagaj

Urmila ki Dasha

Urmila ki Dasha

Click here to read part-1 सजी ऐसी अवध नगरी,की दुल्हन भी नहीं सजती, लखन,सिया,राम आये हैं,ख़ुशी कहते नहीं बनती। सजा आकाश तारों से, सजी वैसी अवध नगरी, ख़ुशी से झूमते सारे, ख़ुशी कहते नहीं बनती, वहीं ऐसा भी एक कोना, बिरह की आग में जलती, बनी पत्थर सी एक मूरत, किसी की राह है तकती … Continue reading Urmila ki Dasha

Quote..28

वह पेड़ जिसपर कल झूला करते, पगडंडी,ईख का खेत,अमरूद की डाली सबकुछ आज भी वैसा का वैसा है, बदले तो गाँव की गलियाँ भी नही, जिसमें कल दौड़ा करते, मगर कल की तरह उनमें रौनक नही दिखती, सबकुछ उजड़ा,उजड़ा सा नजर आता है, ऐसा क्यों? कहीं चकाचौंध में खुद तो नहीं बदल गए । !!!मधुसूदन!!! … Continue reading Quote..28

Urmila Patra of Ramayna

Urmila Patra of Ramayna

Image Credit :Google बैदेही की बहन उर्मिला,की मैं कथा सुनाऊँ कैसे, चौदह वर्ष की बिरह,वेदना,त्याग,तपस्या गाउँ कैसे। जिस गुलशन में अभी-अभी आया बसंत का मेला था, फूल बनी ओ खिली ही थी की,बिरह ने डाला डेरा था, प्रियतम ही यमराज बना,सन्देश सुनाने आया, प्राणहीन काया कैसी ये,समझाने को आया, सिया-राम संग वन जाने को मन … Continue reading Urmila Patra of Ramayna

Apnaapan

Apnaapan

Image Credit :Google प्रेम हमने किया,तुमको दिल दे दिया, तुम कहाँ हो तेरे बिन ना लागे जिया, दर्द कितना दिया दिल में बस के, क्या मिला तुमको राहें बदल के। हम अकेला थे दुनियाँ हँसी थी, गर्म रेतों में भी कुछ नमीं थी, तुम पवन बन चले,साथ लेकर उड़े, छोड़ अपनों को हम,तेरे संग चल … Continue reading Apnaapan