Month: May 2018

Bachpan Ki Duniyan

Bachpan Ki Duniyan

Image Credit :Google छोटी-छोटी खुशियाँ थी छोटे-छोटे गम, छोटी सी जहाँ थी जब छोटे से थे हम, झगडे भी छोटे होती ऊँगली से मिलन, खोया वो जहान कहाँ खोया बचपन, खोया वो जहान कहाँ खोया बचपन।1 आँखें और जुबान कल एक ही बात बोलते, प्यार हम किसी की औकात से ना तौलते, मिटटी के घरौंदे … Continue reading Bachpan Ki Duniyan

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DARD

DARD

Image Credit :Google फूल सी कोमल एक कलि मखमल के गलीचे को रोज भिगोती, दारुण दर्द छीपे दिल में सब रात अँधेरी उजागर होती। बादल भी गरजे,बरसे, नदियाँ मिली तोड़ के बाँध पयोधि, देहरी बाँध न लांघ सकी, अबला ना गरज दिल खोल के रोती, प्रेम मगन दिन सास-ससुर संग रात अँधेरे में सेज भिगोती, … Continue reading DARD

Titliyon si Jindgi

Titliyon si Jindgi

Image Credit : Google ना गम कोई होता ना बन्धन ही होती मेरी भी जीवन तितलियों सी होती, चंचलता के संग में संजीदगी भी होती,मेरी भी जीवन तितलियों सी होती।। फिर हम जहाँ में सबको लुभाते, रंगीन जहाँ को हम फिर बनाते, निगाहें शराबी अदाओं के संग-संग, थोड़ी सी हम मे शराफत भी होती,मेरी भी … Continue reading Titliyon si Jindgi

Kaisa Sansar Kaise Ham

Kaisa Sansar Kaise Ham

Image Credit : Google ये संसार भी अजीब है, जब कोई इंसान माया,मोह,छल,कपट, नफरत,घृणा,आडम्बर से थक सत्य की खोज में निकलता है, अपने सारे सुख,सुविधाओं को छोड़, जंगल,जंगल भटकता है, जानना चाहता है कि वह कैसा भगवान, जो इंसान से इंसान को लड़ाता है, किसी को नीच तो किसी को महान बनाता है, हम कालान्तर … Continue reading Kaisa Sansar Kaise Ham

Bas kar Bhagwan/बसकर भगवान

Bas kar Bhagwan/बसकर भगवान

!!!Image Credit : Google कुत्ता बनाना इंसान मत बनाना, हे प्रभु, अगले जनम में किसान मत बनाना। सच है गुनाहों की खेती सजा, प्रभु फिर ना देना तूँ ऐसी सजा, मर्जी तुम्हारी है कोई सजा दो, चाहे तो मुझको शूली चढा दो, मगर ख्वाहिशों का जहान मत जलाना, हे प्रभु, अगले जनम में किसान मत … Continue reading Bas kar Bhagwan/बसकर भगवान

Bibastaa

Bibastaa

Image Credit :Google लोकतंत्र है विवश सिसकता देख तड़पता मानव पर, देख प्रतिभा झुलस रही है,जातिवाद के पावक पर। भूखी नंगी लोग सड़क पर उड़ती गड्डियाँ ठुमकों पर, तरस रहे हम छत को कब से नेता सोये मखमल पर, राशन कार्ड और सब्सिडी को लूट लिए महलोंवाले, दूध की नदियाँ सुख चुकी हर मोड़ खड़े … Continue reading Bibastaa

Kaisi Jindagi 

Kaisi Jindagi 

Image Credit : Google आज भी ओ महक तेरी,याद बहुत आती है, स्वेत वस्त्रों में,अरमान सुलग जाती है। तुम हो तो,साड़ी,गहने,कपडे है तुमसे ही दुनियाँ की मेरे सभी सपने है, जानती थी पर,किश्मत ना जान सकी, साबित्री थी पर खुद को ना पहचान सकी, क्या करें मजबूर थी,तुमसे कोसो दूर थी, आज सब कुछ है,बस … Continue reading Kaisi Jindagi