Author: Madhusudan

Dudh ka dant

Dudh ka dant

Image credit : Google जब तक दूध के दाँत थे मुख में फर्क नहीं जाना, ऊँच-नीच क्या जाति-धर्म सब अब है पहचाना। आज समझ में आया बचपन, में ही दुनियाँ सारी थी, छोटा सा खलिहान खेल की, जन्नत,जान हमारी थी, असलम,मुन्ना,कलुआ,अंजू, मंजू सखा हमारी थी, बिन बैठे एक साथ चैन ना, रातें भी अंधियारी थी, … Continue reading Dudh ka dant

Eid Mubarak

Eid Mubarak

Image Credit :Google एक माह की कठिन तपस्या,होती है रमजान में। सुना है तेरी बरकत सब पर,होती है रमजान में, रोजे के इस पाक महीना, ईद मिलन की बेला में, कहाँ छुपा मेरे भगवन तू, दुनियाँ के इस मेला में, ऐ अल्लाह अगर तू रब है, तू ही ईश्वर और भगवान्, आकर देख धरा पर … Continue reading Eid Mubarak

Chand

Chand

Image Credit :Google मजहब है ना चाँद का कोई, हम सब की मजहब में चाँद, जिसकी जैसी आँखें वैसी, आँखों में दिखता है चाँद। कोई कहता चन्दा मामा, कोई कहता दूज का चाँद, करवाचौथ के व्रत को तोड़ा, थाल में देखी जब वो चाँद, राजा दक्ष के चाँद जमाई, शीश शुशोभित शिव-शम्भू, सारे जग को … Continue reading Chand

BARIS KI BUNDEN/बारिश की बूंदें

BARIS KI BUNDEN/बारिश की बूंदें

Images Credit : Google याद हमें आज भी उस बारिश की पहली बूंदों संग, तेरा करीब आना, एक ही छतरी में यूँ आकर सिमट जाना, क्या कहें कैसा उस पल हमें लगा था, सौंधी,सौंधी खुशबू में एक और रंग चढा था, मगर शर्म आँखों में यूँ मेरा झिझक जाना, याद हमें आज भी वो तेरा … Continue reading BARIS KI BUNDEN/बारिश की बूंदें

JINDGI TUN KAUN MAIN KAUN HUN

JINDGI TUN KAUN MAIN KAUN HUN

Image Credit : Google जिंदगी तूँ कौन है मैं कौन हूँ बतला मुझे, है कहाँ मेरा ठिकाना ये जरा समझा मुझे। जब से पाया पाँव मैं चलता रहा बढ़ता रहा, विघ्न कितने रास्तों में आए मैं लड़ता रहा, मिल गयी मंजिल मगर फिर क्यों उदासी साथ में, जश्न छाया चंद पल फिर क्यों वीरानी पास … Continue reading JINDGI TUN KAUN MAIN KAUN HUN

BADLON ME GUM SI/बादलों में गुम सी

BADLON ME GUM SI/बादलों में गुम सी

Images Credit: Google बादलों को और भी करीब आने दे, तन,बदन तपिश भरी है भींग जाने दे। गर्म हवा बह रही थी मौन हो गयी, बादलों के बीच जाकर गौण हो गयी, मेघ अब ना खेल हमसे आँखमिचौलियाँ, बढ़ गयी है देख तुझे तपिश और यहाँ, जलती मही बर्फ लिए आसमान में, क्यों खड़ा है … Continue reading BADLON ME GUM SI/बादलों में गुम सी

Bharat Gatha (Part..9)

Bharat Gatha (Part..9)

click here to read part...8 Image Credit :Google आर्य-द्रविड़ की धरती भारत, सोने की चिड़ियाँ थी भारत, पड़ी विश्व की नजर कथा उस जम्बूद्वीप की गाता हूँ, रौंद दिया सभ्यता उसी भारत की हाल सुनाता हूँ|२ आर्य कहें या द्रविड़ कहें या ले हम कोई नाम, ऋषियों के वंशज हम सारे उनके ही संतान, जिस … Continue reading Bharat Gatha (Part..9)