MILAN

MILAN

सावन आता साल में जैसे वैसे प्रियतम आते, सावन रहता एक माह वे एक प्रहर में जाते । आने का पल आज चहकती, दरवाजे को खोल खड़े, खिड़की,परदे,उपवन,मौसम, साथ हमारे झूम उठे, प्रियतम आजा देर करो ना, जाने का पल है निश्चित, सजी हुई फुलवारी बिचलित, क़दमों में आ है अर्पित। बिरह साल का मिलन … Continue reading MILAN

Kalpna ki Udaan

Kalpna ki Udaan

धरती बन गयी कोरा कागज, सागर बना स्याही, क्या लिखूं मैं प्रेम में तेरे, बोल मेरे हमराही | किन किन गुण का गान करूँ मैं, नख से शिख तक तेरे, मेरे दिल में झांक के देखो, तुम ही तुम हो मेरे, केश तुम्हारे काले बादल, मतवाले से बहते, अपने संग संग मुझको भी वो, मतवाला … Continue reading Kalpna ki Udaan

KISAAN KAA JEEVAN

KISAAN KAA JEEVAN

भूख मिटाता कृषक जगत का,क़द्र ना उसका जाना रे, सदियाँ बीत गयी कितनी इंसान उसे ना माना रे| अतिबृष्टि और अनाबृष्टि के, साथ में लड़ता रोज किसान, मानसून भगवान् है जिसका, उसी ने कर दी मुश्किल जान, बिकसित देश की रेस में हम है, मंगल,चाँद की रेस में हम है, धड़कन बसती देश का जिसमें, … Continue reading KISAAN KAA JEEVAN

DARD

DARD

कोमल फूल सी एक कलि, मखमल के गलीचे को रोज भिगोती, दारुण दर्द छीपे दिल में,सब रात अँधेरी उजागर होती| बादल भी गरजे,बरसे, नदियाँ मिली बाँध को तोड़ी समंदर, देहरी बाँध न लांघ सकी, अबला ना गरज दिल खोल के रोती, प्रेम मगन दिन सास,ससुर संग, रात अँधेरी में सेज भिगोती, दारुण दर्द छीपे दिल … Continue reading DARD

Prem Lagan

Prem Lagan

धनवानों के सोने गहने,मुझ गरीब के तुम प्यारे, महल,अटारी उनकी आशा,मेरे धन तो तुम प्यारे| किसी को चाहत धन दौलत की, स्वर्ण जड़ित हीरे गहने, माणिक,मूंगा किसी की चाहत, महल,अटारी के सपने, लाखों हैं श्रृंगार बदन के, मेरे गहने तुम प्यारे, फूस की कुटिया जन्नत मेरी साथ अगर हो तुम प्यारे। बृन्दावन घनश्याम बसों, राधा … Continue reading Prem Lagan

Khwahishen

Khwahishen

बिखर कर संवरना,संवरकर बिखरना, मुश्किल है हर ख्वाहिशों का संवरना, बिखरते हो सच में तुम फूलों के जैसे, मगर ख्वाहिशें तुम कभी गम ना करना। तुम्हीं से सजी है जीवन हमारी, जमीं पर कदम आसमां से है यारी, चिड़ियों की पंखें भी झड़ती,संवरती, मगर आसमां में चिड़ियां ही उड़ती, चिड़ियों ने हमको उड़ना सिखाया, ख्वाहिश … Continue reading Khwahishen

Maina Teri Jiwan Achhi

Maina Teri Jiwan Achhi

डाल पे बैठे, प्रियतम साथ में, मैना हरसे।1 बादल देख, गगन में उड़ते, रंग बरसे।2 मोहक छटा, निराली उपवन, मन बहके।3 प्रिय रिझाती, उछल-उछल कर, प्रेम छलके।4 भीगती मैना, प्रियतम संग में, हम तरसे।5 बाहर वर्षा, अंदर बरसात, रूह जलती।6 सुना बिस्तर, साजन परदेस वर्षा डंसती।7 रोजी रोटी में, यौवन हुआ खाक, कैसे हँसती।8 अन्न … Continue reading Maina Teri Jiwan Achhi