BADLON ME GUM SI/बादलों में गुम सी

BADLON ME GUM SI/बादलों में गुम सी

Images Credit: Google बादलों को और भी करीब आने दे, तन,बदन तपिश भरी है भींग जाने दे। गर्म हवा बह रही थी मौन हो गयी, बादलों के बीच जाकर गौण हो गयी, मेघ अब ना खेल हमसे आँखमिचौलियाँ, बढ़ गयी है देख तुझे तपिश और यहाँ, जलती मही बर्फ लिए आसमान में, क्यों खड़ा है … Continue reading BADLON ME GUM SI/बादलों में गुम सी

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Bharat Gatha (Part..9)

Bharat Gatha (Part..9)

click here to read part...8 Image Credit :Google आर्य-द्रविड़ की धरती भारत, सोने की चिड़ियाँ थी भारत, पड़ी विश्व की नजर कथा उस जम्बूद्वीप की गाता हूँ, रौंद दिया सभ्यता उसी भारत की हाल सुनाता हूँ|२ आर्य कहें या द्रविड़ कहें या ले हम कोई नाम, ऋषियों के वंशज हम सारे उनके ही संतान, जिस … Continue reading Bharat Gatha (Part..9)

Maa/माँ

Maa/माँ

Image Credit : Google जिसका अपना अरमान नहीं, क्या कष्ट उसे कुछ भान नहीं, जिसके दिल केवल प्रेम भरे, आँखों से केवल स्नेह बहे, उर में अमृत का सागर हो, वात्सल्य भरा महासागर हो, कोई और नहीं वह माँ ही है, कल जैसी थी वैसा ही है, ऐसी ममता कहीं और नहीं, माँ से बढ़कर … Continue reading Maa/माँ

SISKIYAN/सिसकियां

SISKIYAN/सिसकियां

Image Credit :Google सिसकियों में रिस रहे अरमान तिल,तिल, खो गया अपना कोई गुमनाम है दिल। जश्न में डूबा यहां सारा जमाना, हम हँसे कैसे कोई हमको बताना, मर्ज कैसा है समझता है मेरा दिल खो गया अपना कोई गुमनाम है दिल। खौलता दरिया गमों का कौन जाने, रक्त बहता बन के आँसू कौन जाने, … Continue reading SISKIYAN/सिसकियां

RAAJNEET KA MARA DESH HAMARA

RAAJNEET KA MARA DESH HAMARA

Image Credit : Google किसको चुनूँ किसको छोडूं, किससे अपने रिस्ते जोड़ूँ, पता किया तो निकल गए दोनों मौसेरे भाई, हम बकरे से बदतर इनसे अच्छे हैं कसाई। लोकतंत्र में जनता पर, निर्भर है सत्ताधारी, यहाँ खड्ग पर मत है भारी, मत का भेद करा डाला, जातिवाद बढ़ा डाला, जहाँ विश्व का धर्म सुरक्षित, उसमे … Continue reading RAAJNEET KA MARA DESH HAMARA