Tag: प्यासा जीवन

Sachchayee/सच्चाई

Sachchayee/सच्चाई

कभी था जश्न का मंजर,ये खँडहर बोल देते हैं, हमारी क्या यहाँ हस्ती है,लाशें बोल देते हैं, मगर जबतक जवानी का नशा मगरूर हम सारे, किसे पा लें किसे छोड़े,हैं शामिल होड़ में सारे, सभी मतलब के साथी फिर भी रिश्ते जोड़ लेते हैं, हमारी क्या यहाँ हस्ती है,लाशें बोल देते हैं।। अगर हो प्रेम … Continue reading Sachchayee/सच्चाई

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