Tag: Chahat

Prem Pujari

Prem Pujari

Image Crefit : Google परी नहीं हो इंद्रलोक की, चाह ना फूलकुमारी का, चाहत है ना चाँद का मुझको, तुम बिन जीना प्यारी क्या, जब तक तू है साथ में मेरे, तू हमसफ़र हमारी है, तब तक कविता गान करेंगे, जबतक जान हमारी है। उपवन में हैं फूल खिले, मकरंद भ्रमर को भाते हैं, महक … Continue reading Prem Pujari

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KHWAAB/ख्वाब

KHWAAB/ख्वाब

Image Credit : Google हम छोड़ कभी अपनों का दामन जिनसे ख्वाब सजाये, गिरे जमीं पर टूटे सपने अपने मिल ना पाए, ढूंढ रहे हम कब्र में अपने कोई राख में ढूंढे, भरी हुयी आँखों में आँसूं टपक रही है बुँदे, पेट काटकर जिसने हमको बड़े जतन से पाला, बदकिस्मत वे लोग नहीं दे पाए … Continue reading KHWAAB/ख्वाब

Chaahat

Chaahat

देख हम जा रहे ये वतन छोड़कर,मौत की हमको कोई गिला भी नहीं, कैसी चाहत हमें थी किसे अब कहें, मौत वैसी हमें तो मिला भी नहीं| हम तरसते रहे जंग हम भी करें, गोलियों से कभी बात हम भी करें, कितनी ताकत है उसको दिखाएं कभी, मौत का खौफ दिल में जगाएं कभी, कितना … Continue reading Chaahat