Tag: Daldal ki Rajneet

ASHAA/आशा

ASHAA/आशा

Image Credit:Google गरीबों की कोई जाति नही होती मगर यहाँ, बिना जातियों के गरीबों की बात नही होती, गजब की शोर मची है, तख्त पर बैठी सरकार पर, ऐसे जैसे यहाँ कोई, निक्कमी सरकार नहीं होती। उजले केश और, धुंधली दृष्टि लिए हम भी सदियों से, देख रहे हैं मूक दर्शक की तरह मगर कहाँ … Continue reading ASHAA/आशा

Advertisements
Daldal si Rajneet

Daldal si Rajneet

कैसी है आजादी जहाँ,आज भी बिबसता है, दलदल बना जाति,धर्म रोज कोई मरता है।।   कहीं छुआ-छूत आज, दंगा कही धर्म का, बीते कई दशक मिला,मरहम नहीं मर्ज का, ज्ञान है अपार कोई बेच रहा साग है, बेजुबान प्राणियों सा बुरा उसका हाल है, कैसी सरकार चली देख धनानंद की, राजतंत्र लौट गयी देख परमानंद … Continue reading Daldal si Rajneet