Tag: DARD

DARD

DARD

Image Credit :Google फूल सी कोमल एक कलि मखमल के गलीचे को रोज भिगोती, दारुण दर्द छीपे दिल में सब रात अँधेरी उजागर होती। बादल भी गरजे,बरसे, नदियाँ मिली तोड़ के बाँध पयोधि, देहरी बाँध न लांघ सकी, अबला ना गरज दिल खोल के रोती, प्रेम मगन दिन सास-ससुर संग रात अँधेरे में सेज भिगोती, … Continue reading DARD

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Bandhan/बन्धन

Bandhan/बन्धन

प्रेम तो बहती नदियों के जल की तरह है कहीं भी जा सकता है, ये अलग बात है कि लोग सारे प्रेम में बस एक ही रिश्ता देखते हैं, बन्धन इंसानों को बाँध सकती है उनको मौन कर सकती है मगर दिल को नहीं। !!!मधुसूदन!!! prem to bahatee nadiyon ke jal kee tarah hai kaheen … Continue reading Bandhan/बन्धन

Darpan/दर्पण

Darpan/दर्पण

Images Credit :Googlr जब हँसते हम तो देख हमें ये दर्पण भी मुश्काता है, हम रोते गर तन्हाई में संग दर्पण नीर बहाता है, हम रोते गर तन्हाई में संग दर्पण नीर बहाता है। मातम हो दर्द,ख़ुशी या कोई भी उलझन का आलम हो, जब जश्न में डूबे हो सारे और सुना दिल का आँगन … Continue reading Darpan/दर्पण