Tag: Maharana Pratap

CHETAK/चेतक

CHETAK/चेतक

Click here to Read part..6 Image Credit : Google कोटि प्रयास करने के बावजूद घायल चेतक के नहीं उठ पाने पर बिलाप करते राणा-– हाय चेतक मेरे मुझसे बिन कुछ कहे, कैसे दुनियाँ से तुम जा रहा है, देख मुझको जरा,क्या हुआ है दशा, दर्द कितना दिए जा रहा है, कैसे दुनियाँ से तुम जा … Continue reading CHETAK/चेतक

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Haldighati ka Sangram (Part..6)

Haldighati ka Sangram (Part..6)

Click here to Read part..5 Image Credit : Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी वह हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| दुश्मन बीच अकेला राणा को संकट में जानकर, झालावाड़ के मन्ना जी संग आये सीना तानकर, मुकुट बदल झट पहन … Continue reading Haldighati ka Sangram (Part..6)

Haldighati Ka Maidan (Part.5)

Haldighati Ka Maidan (Part.5)

Click here to Read part..4 Image Credit : Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी वह हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| थककर सलीम ने तोपों को आखिर में किया इशारा था, गोलों की बारिस के आगे मेवाड़ी हुआ बेचारा था, थे … Continue reading Haldighati Ka Maidan (Part.5)

HALDIGHATI (Part..4)

HALDIGHATI (Part..4)

Click here to Read part..3 Image Credit : Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी वह हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| भाई राणा के शक्ति,जगमाल मिले जा अकबर से, झोक दिया पूरी ताकत,राणा पर अपना अकबर ने, राणा के संग भील … Continue reading HALDIGHATI (Part..4)

Maharan Pratap (Part -3)

Maharan Pratap (Part -3)

Click here to Read Part-2 Image Credit : Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी वह हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| मुग़ल बादशाह अकबर का राणा आँखों के काँटा थे, एकछत्र शासन करने में महाराणा ही बाधा थे, बड़े बड़े राजे-रजवाड़े … Continue reading Maharan Pratap (Part -3)

Maharana Pratap ( Part-2)

Maharana Pratap ( Part-2)

Click here to read part ..1 Image Credit : Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी वह हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| जयवंता माँ,पिता उदय सिंह कुम्हलगढ़ स्थान, पन्द्रह सौ चालीस नौ मई को जन्मा वीर महान, धन्य तिथि वह शुभदिन … Continue reading Maharana Pratap ( Part-2)

Maharana Pratap (Part-1)

Maharana Pratap (Part-1)

Image Credit : Google पराधीन रहना ना जाना, जीते जी था हार ना माना, त्याग सुख महलों की जिसने,खाई रोटी घास की, दोहराता हूँ कथा वीर उस महाराणा प्रताप की|२| स्वर्णअक्षरों में अंकित,इतिहास भी शीश झुकाता है, जो मातृभूमि की शान में अपनी,हँसकर शीश कटाता है, धरती वीरों से भरी पड़ी,इतिहास भरी गाथाओं से, भारत … Continue reading Maharana Pratap (Part-1)