Tag: Nafrat ki Andhi

Nafrat ki Aandhi

Nafrat ki Aandhi

शंखध्वनि,घंटे,अजान के सुर में दुनियां नाच रही है, अपनी डफली छोड़ के देखो मानवता चित्कार रही है । अपनी डफली छोड़ के देखो मानवता चित्कार रही है । हिन्दू,मुस्लिम,सिक्ख,ईसाई कहते हैं सब भाई हैं, अल्लाह,ईश्वर,गॉड,गुरु में फिर क्यों छिड़ी लड़ाई है, आहत है इन्सान यहां हर घर पर आफत आयी है, सत्ता का संघर्ष मात्र … Continue reading Nafrat ki Aandhi