Tag: Rup Saundarya

Kalpna ki Udaan

Kalpna ki Udaan

Image Credit : Google. धरती बन गयी कोरा कागज, सागर बना स्याही, क्या लिखूं मैं प्रेम में तेरे, बोल मेरे हमराही। किन गुणों का गान करूँ मैं, नख से शिख तक तेरे, मेरे दिल में झांक के देखो, तुम ही तुम हो मेरे, केश तुम्हारे काले बादल, मतवाले से रहते, अपने संग संग मेरे मन … Continue reading Kalpna ki Udaan

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