Author: Madhusudan

Bahrapan/बहरापन

Bahrapan/बहरापन

Image credit : Google Click here to read part 1 बहरी हो गयी क्या सरकार, दिखती क्यों ना अत्याचार, आ हम ध्वनियन्त्र लगा दें चल कर संसद पर, कितना दर्द हमें चल उन्हें दिखा दें संसद पर || एसी कार में नेतागण, चलते करके सीसा बंद, महल जहां पर उनकी होती, लाउडस्पीकर पर पाबन्द, चल … Continue reading Bahrapan/बहरापन

Advertisements
Gaon aur Kisan  

Gaon aur Kisan  

Image credit: Google चल विकसित है कितना,अपना गाँव दिखाते हैं, हिम्मत है तो चल तुमको,शमशान दिखाते हैं| संसद में कुर्सी पर बैठे करते सभी लड़ाई, पाँच साल के बाद दिखाते, अपनी सब प्रभुताई, कागज़ पर क्या गाँव दिखाते, कृषक का बेहतर हाल दिखाते, रहमदिल हो कितने हमपर, झूठे तुम क्यों ख्वाब दिखाते, चल मुर्दों से … Continue reading Gaon aur Kisan  

Kutte mere Gaon ke

Kutte mere Gaon ke

Image credit: Google भों-भों कर सब कुत्ते दौड़े, सन्नाटे बीच मुझको घेरे, वापस चार साल के बाद था आया गाँव में, आकर लिपट गए सब कुत्ते मेरे पाँव में।२ धूल से मेरे पाँव सने थे, छाती पर कुछ पाँव पड़े थे, सुनसान गलियाँ थी, कुत्तों के संग मेरे पाँव खड़े थे, पटक,पटक कर पूंछ दिखाते, … Continue reading Kutte mere Gaon ke

Lekhni/लेखनी

Lekhni/लेखनी

Image credit: Google मैं कैसा मैं खुद को जानूं, कलम हमारी धार, दिल में जो भी आता सारे, लिख देते जज्बात, उलटे,पुल्टे शब्द पकाते, तुमको मैं क्या जानूं, या कुछ सीख दिला जाते, क्यूँ इसके पीछे भागूँ, पुत्र बिना जस सुना आँचल, फूल बिना जस गुलशन, शब्दों से जबतक ना खेलूँ, सुना मैं, मन, लेखन … Continue reading Lekhni/लेखनी

Dagaa/दगा

Dagaa/दगा

Image credit: Google हैं कहते तेरे शब्द और कुछ, आंखे कहती और, बता सच किसको मानूं, प्रेमी या छलिया यार, बता क्या तुमको मानू? चढ़ पवन पर आये हम, सब छोड़ के लाज,शरम, खुशबू राहों में होंगी, होगा गुलशन सा मन, ठगा मैं खुद को जानूँ, दहलीज पर आकर मंजिल के, है ख्वाब,हकीकत और, बता … Continue reading Dagaa/दगा

Bebasi

Bebasi

Image credit: Google उस पार है तू इस पार हूँ मैं,अब कैसे तुझे बुलाऊँ मैं, सौतन बैरी बिकराल नदी,है बीच में कैसे आऊं मैं, तन भीगा दिल में आग लगी, मिलने की मन में प्यास जगी, दिल करता उड़कर आऊँ मैं, पर पंख कहाँ से पाऊं मैं, बरसों की तड़प है बीच में नद, दुरी … Continue reading Bebasi

Balpana aur Garibi

Balpana aur Garibi

Image credit: Google एक कटोरा पानी भात, साथ में मिर्ची और प्याज, बड़े चाव से खाता, चेहरे की वह हाव-भाव से, कितना स्वाद दिखाता है खलिहान में, खाता गोपी पानी-भात माँ खलिहान में।। गोपी निर्धन,शिव धनवान, दोनों एक दूजे के जान, बालपना थी खान-पान से, एक दूजे के थे अनजान, मुंह में पानी आया शिव … Continue reading Balpana aur Garibi