Author: Madhusudan

Sarhad

Sarhad

उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम, है दुश्मन के घाट-घाट, मेरे राम-रहीमा,………थाम ले हमरी बांह ……रे मोरे राम रहीमा………..थाम ले हमरी बांह।। ये धरती है राम का जिसने, रावण का सहार किया, भूल गयी दुनियां कृष्ना ने, यहीं से गीता ज्ञान दिया,2 इस पावन धरती पर अब तो, दुश्मन देखे झांक-झाँक, मेरे राम-रहीमा,………थाम ले हमरी बांह ……रे … Continue reading Sarhad

Tiranga Hamari Jaan

Tiranga Hamari Jaan

Image credit .google जब तलक है तिरंगा है शान मेरा,तेरे क़दमों मेंअर्पित है जान मेरा। यूँ तो टुकड़ों में कल आज भी हैं बंटे, धर्म जाति से ऊपर नहीं उठ सके, क्या हुआ क्षेत्र में हम हैं बिखरे हुये, हैं मगर इस तिरंगे में सिमटे हुये, इस महापर्व पर है शान मेरा,तेरे क़दमों में अर्पित … Continue reading Tiranga Hamari Jaan

Kaaragrih (Part-2)

Kaaragrih (Part-2)

Click here to read part..1 कारागृह में जन्म लिया, उसकी मैं कथा सुनाता हूँ, कृष्ण,कन्हैया,गोवर्धन भगवान की कथा सुनाता हूँ। गोकुल में है जश्न, नंद के घर में लल्ला आया है, मातम कारागृह में छाया, कंस द्वार पर आया है, सात-सात संतानों को, मामा कैसा जो मार दिया, अष्टम उसका काल है जन्मा, आहट उसने … Continue reading Kaaragrih (Part-2)

Antarkalah

Antarkalah

क्या क्या सहा ये वतन हँसते-हँसते, किसे ये दिखाये जखम हँसते-हँसते। जिगर में जिसे अपना इसने बसाया, माथे की बिंदिया जिसे था बनाया, कभी नाज़ करती जहाँ,जिसके बल पर, उसी ने उजाड़े खुशी इस चमन के किसे ये दिखाये जखम हँसते-हँसते। सदियों से देखी कई सभ्यताएँ, ढली ये स्वयं जैसा हमने बनाये, कई सरहदों में … Continue reading Antarkalah

Kimat Brikshon ka

Kimat Brikshon ka

कह पाता  ना शब्द उसे, तस्वीर बयाँ कर जाती है, जुल्म हुए हैं कितने सब,हालात बयाँ कर जाती है। दर्द न समझा बेजुबान का, आरे से तन चीर दिया, तड़प-तड़प कर पत्तों ने उसके आगे दम तोड़ दिया, मत मारो ऐ मानव मुझको, कितनी बार कहा होगा, तेरी श्वांस सहारा हूँ मैं, रोकर बतलाया होगा, … Continue reading Kimat Brikshon ka

Agyaani

Agyaani

जंगल-जंगल भटक रहा था, जंगली था इंसान, ज्ञान दिया भगवान ने हमको, बना दिया इंसान, फिर भी बदला क्या इंसान,फिर भी ना बदला इंसान। ऊंच-नीच का भेद मिटा, हर रिश्ते को समझाने को, राजतिलक का त्याग किया, मानव को पाठ पढ़ाने को, किसी ने शूली चढ़ हमसब को, मानवता का ज्ञान दिया, सत्य,अहिंसा का रब … Continue reading Agyaani